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ramayan 4.1.11: 'लक्ष्मण! फूलों से सुशोभित इन वनों की शोभा देखो। ये उसी प्रकार पुष्प वर्षा कर रहे हैं, जैसे बादल जल बरसाते हैं।॥11॥   |   ramayan सर्ग 4.1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  4.1.11 
पश्य रूपाणि सौमित्रे वनानां पुष्पशालिनाम्।
सृजतां पुष्पवर्षाणि वर्षं तोयमुचामिव॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'लक्ष्मण! फूलों से सुशोभित इन वनों की शोभा देखो। ये उसी प्रकार पुष्प वर्षा कर रहे हैं, जैसे बादल जल बरसाते हैं।॥11॥
 
‘Lakshmana! Look at the beauty of these forests adorned with flowers. They are raining flowers in the same way as clouds rain water.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)