vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 3: अरण्य काण्ड
»
सर्ग 75: श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत तथा उन दोनों भाइयों का पम्पासरोवर के तट पर जाना
»
श्लोक 26-27h
श्लोक
3.75.26-27h
हरिर्ऋक्षरजोनाम्न: पुत्रस्तस्य महात्मन:॥ २६॥
अध्यास्ते तु महावीर्य: सुग्रीव इति विश्रुत:।
अनुवाद
वहाँ संसार के सबसे वीर, ऋक्षराज नामक महाप्रतापी वानरपुत्र सुग्रीव रहते थे । 26 1/2॥
Sugriva, the most valiant of the world, the son of a great monkey named Riksharja, lived there. 26 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×