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ramayan 3.75.13: श्रीराम के मन में सीता से मिलने की तीव्र इच्छा उत्पन्न हो गई थी। इससे व्याकुल होकर वे नाना प्रकार के वृक्षों और विविध सरोवरों की शोभा निहारते हुए उस अद्भुत जलाशय के पास गए।   |   ramayan सर्ग 3.75: श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत तथा उन दोनों भाइयों का पम्पासरोवर के तट पर जाना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.75.13 
स रामो विविधान् वृक्षान् सरांसि विविधानि च।
पश्यन् कामाभिसंतप्तो जगाम परमं ह्रदम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
श्रीराम के मन में सीता से मिलने की तीव्र इच्छा उत्पन्न हो गई थी। इससे व्याकुल होकर वे नाना प्रकार के वृक्षों और विविध सरोवरों की शोभा निहारते हुए उस अद्भुत जलाशय के पास गए।
 
A strong desire to meet Sita had arisen in Shri Ram's mind. Troubled by this, he went to that wonderful water body, admiring the beauty of various kinds of trees and various lakes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)