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ramayan 3.74.1: तत्पश्चात् राजकुमार राम और लक्ष्मण कबन्ध द्वारा बताए गए पम्पासरोवर के मार्ग से पश्चिम की ओर चले॥1॥   |   ramayan सर्ग 3.74: श्रीराम और लक्ष्मण का पम्पासरोवर के तट पर मतङ्गवन में शबरी के आश्रम पर जाना, शबरी का अपने शरीर की आहुति दे दिव्यधाम को प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 74: श्रीराम और लक्ष्मण का पम्पासरोवर के तट पर मतङ्गवन में शबरी के आश्रम पर जाना, शबरी का अपने शरीर की आहुति दे दिव्यधाम को प्रस्थान करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.74.1 
तौ कबन्धेन तं मार्गं पम्पाया दर्शितं वने।
आतस्थतुर्दिशं गृह्य प्रतीचीं नृवरात्मजौ॥ १॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राजकुमार राम और लक्ष्मण कबन्ध द्वारा बताए गए पम्पासरोवर के मार्ग से पश्चिम की ओर चले॥1॥
 
Thereafter Prince Rama and Lakshmana took the route to Pampasarovar shown by Kabandha and proceeded towards the west.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)