Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.73.38-39h: रघुनन्दन! वहाँ तुम उन भालू, व्याघ्र और मृगों को देखकर अपने सारे दुःख भूल जाओगे, जो कोमल नीले रंग वाले मनुष्यों को देखकर भाग जाते हैं और जो दौड़ में किसी से पराजित नहीं होते। | ramayan सर्ग 3.73: दिव्य रूपधारी कबन्ध का श्रीराम और लक्ष्मण को ऋष्यमूक और पम्पासरोवर का मार्ग बताना तथा मतङ्गमुनि के वन एवं आश्रम का परिचय देकर प्रस्थान करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रघुनन्दन! वहाँ तुम उन भालू, व्याघ्र और मृगों को देखकर अपने सारे दुःख भूल जाओगे, जो कोमल नीले रंग वाले मनुष्यों को देखकर भाग जाते हैं और जो दौड़ में किसी से पराजित नहीं होते।
Raghunandan! There you will forget all your sorrows on seeing the bears, tigers and the deer who flee after seeing the human beings with soft blue complexion and who are not defeated by anyone in the race.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥