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कृतार्थो वाकृतार्थो वा तव कृत्यं करिष्यति।
स ऋक्षरजस: पुत्र: पम्पामटति शङ्कित:॥ २०॥
अनुवाद
‘सुग्रीव की इच्छा पूरी हो या न हो, वह तुम्हारा कार्य अवश्य पूरा करेगा।’ वह ऋषभ के राजा का क्षेत्रज पुत्र है और वालि से सशंकित होकर पंपासरोवर के तट पर घूमता रहता है।
‘Whether Sugreeva's wish is fulfilled or not, he will certainly accomplish your task. He is the Kshetraj son of the king of Rishra and roams around the banks of Pampasarovar being suspicious of Vali.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥