Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.72.13-14h: वे वानरराज महाबली सुग्रीव तेजस्वी, अत्यंत तेजस्वी, सत्यनिष्ठ, विनम्र, धैर्यवान, बुद्धिमान, महापुरुष, कार्यकुशल, निर्भय, तेजस्वी और महान बल तथा पराक्रम से युक्त हैं। 13 1/2॥ | ramayan सर्ग 3.72: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा चिता की आग में कबन्ध का दाह तथा उसका दिव्य रूप में प्रकट होकर उन्हें सग्रीव से मित्रता करने के लिये कहना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे वानरराज महाबली सुग्रीव तेजस्वी, अत्यंत तेजस्वी, सत्यनिष्ठ, विनम्र, धैर्यवान, बुद्धिमान, महापुरुष, कार्यकुशल, निर्भय, तेजस्वी और महान बल तथा पराक्रम से युक्त हैं। 13 1/2॥
That king of the monkeys, the mighty Sugriva, is brilliant, extremely radiant, true-to-truth, humble, patient, intelligent, a great man, skilled at work, fearless, radiant and endowed with great strength and bravery. 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥