Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.71.25-26h: 'तो अब आप हमें सीता का पता बताइए। वह इस समय कहाँ है? और उसे कौन ले गया है? यदि आप ठीक-ठीक जानते हैं, तो सीता का समाचार हमें बताकर हम पर बड़ा उपकार कीजिए।'॥25 1/2॥ | ramayan सर्ग 3.71: कबन्ध की आत्मकथा, अपने शरीर का दाह हो जाने पर उसका श्रीराम को सीता के अन्वेषण में सहायता देने का आश्वासन । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वं सीतां समाचक्ष्व येन वा यत्र वा हृता॥ २५॥
कुरु कल्याणमत्यर्थं यदि जानासि तत्त्वत:।
अनुवाद
'तो अब आप हमें सीता का पता बताइए। वह इस समय कहाँ है? और उसे कौन ले गया है? यदि आप ठीक-ठीक जानते हैं, तो सीता का समाचार हमें बताकर हम पर बड़ा उपकार कीजिए।'॥25 1/2॥
‘So now you tell us Sita's whereabouts. Where is she at this moment? And who has taken her where? If you know correctly then do us a great favour by telling us the news of Sita'॥ 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥