Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.68.32-33: तत्पश्चात्, वीर राम, लक्ष्मण सहित वन में गए और मोटी महरोही (एक विशेष प्रकार की कंद की जड़) काटकर जटायु को अर्पित करने के लिए भूमि पर कुशा बिछा दी। महाप्रतापी राम ने महरोही का गूदा निकालकर उसकी एक गेंद बनाई और उस सुन्दर हरी कुशा पर जटायु का पिंडदान किया। | ramayan सर्ग 3.68: जटायु का प्राण-त्याग और श्रीराम द्वारा उनका दाह-संस्कार । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, वीर राम, लक्ष्मण सहित वन में गए और मोटी महरोही (एक विशेष प्रकार की कंद की जड़) काटकर जटायु को अर्पित करने के लिए भूमि पर कुशा बिछा दी। महाप्रतापी राम ने महरोही का गूदा निकालकर उसकी एक गेंद बनाई और उस सुन्दर हरी कुशा पर जटायु का पिंडदान किया।
Thereafter, the valiant Rama, accompanied by Lakshmana, went to the forest and cut thick Maharohi (a special root of tuber) and spread Kusha grass on the ground to offer it to Jatayu. The highly illustrious Rama took out the pulp of the Rohi and made a ball of it and offered Pind Daan to Jatayu on those beautiful green Kusha grass.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥