Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.68.22: लक्ष्मण! देखो, यह जटायु मेरा बहुत बड़ा सहायक था, पर आज मारा गया। जब वह सीता की रक्षा के लिए युद्ध में उतरा था, तो महाबलशाली रावण ने उसे मार डाला। | ramayan सर्ग 3.68: जटायु का प्राण-त्याग और श्रीराम द्वारा उनका दाह-संस्कार । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पश्य लक्ष्मण गृध्रोऽयमुपकारी हतश्च मे।
सीतामभ्यवपन्नो हि रावणेन बलीयसा॥ २२॥
अनुवाद
लक्ष्मण! देखो, यह जटायु मेरा बहुत बड़ा सहायक था, पर आज मारा गया। जब वह सीता की रक्षा के लिए युद्ध में उतरा था, तो महाबलशाली रावण ने उसे मार डाला।
Lakshmana! Look, this Jatayu was very helpful to me, but he has been killed today. When he entered the battle to protect Sita, he was killed by the very powerful Ravana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥