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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 68: जटायु का प्राण-त्याग और श्रीराम द्वारा उनका दाह-संस्कार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.68.16 
पुत्रो विश्रवस: साक्षाद् भ्राता वैश्रवणस्य च।
इत्युक्त्वा दुर्लभान् प्राणान् मुमोच पतगेश्वर:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा, "रावण विश्रवा का पुत्र और कुबेर का सगा भाई है।" यह कहकर पक्षीराज ने अपना दुर्लभ जीवन त्याग दिया।
 
He said, "Ravana is the son of Vishrava and the real brother of Kubera." Having said this, the king of birds gave up his rare life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)