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ramayan 3.67.6: ‘वहाँ अनेक प्रकार की भयानक गुफाएँ हैं, जो नाना प्रकार के मृगों से भरी हुई हैं। यहाँ पर्वत पर किन्नरों के निवास और गन्धर्वों के भवन हैं।॥6॥   |   ramayan सर्ग 3.67: श्रीराम और लक्ष्मण की पक्षिराज जटायु से भेंट तथा श्रीराम का उन्हें गले से लगाकर रोना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 67: श्रीराम और लक्ष्मण की पक्षिराज जटायु से भेंट तथा श्रीराम का उन्हें गले से लगाकर रोना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.67.6 
गुहाश्च विविधा घोरा नानामृगगणाकुला:।
आवासा: किंनराणां च गन्धर्वभवनानि च॥ ६॥
 
 
अनुवाद
‘वहाँ अनेक प्रकार की भयानक गुफाएँ हैं, जो नाना प्रकार के मृगों से भरी हुई हैं। यहाँ पर्वत पर किन्नरों के निवास और गन्धर्वों के भवन हैं।॥6॥
 
‘There are many types of terrifying caves there, which are filled with various types of deer. On the mountain here, there are residences of Kinnars and mansions of Gandharvas.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)