Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.67.26: इस संसार में मुझसे बढ़कर कोई अभागा नहीं है, जिसके दुर्भाग्य के कारण मैं इस विपत्ति रूपी विशाल जाल में फँस गया हूँ॥ 26॥ | ramayan सर्ग 3.67: श्रीराम और लक्ष्मण की पक्षिराज जटायु से भेंट तथा श्रीराम का उन्हें गले से लगाकर रोना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह