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श्लोक  3.67.15 
यामोषधीमिवायुष्मन्नन्वेषसि महावने।
सा देवी मम च प्राणा रावणेनोभयं हृतम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
आयुष्मान्! इस विशाल वन में तुम जिस औषधि को खोज रहे हो, उसी देवी सीता के साथ-साथ मेरे प्राण भी रावण ने हर लिए थे।
 
Ayushman! In this vast forest you are looking for like a medicine, that goddess Sita as well as my life were taken away by Ravan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)