Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.67.11: लक्ष्मण! यह राक्षसरूपी गिद्ध इस वन में अवश्य ही विचरण करता है। इसी ने विदेह राजकुमारी सीता को खाया होगा॥ 11॥   |   ramayan सर्ग 3.67: श्रीराम और लक्ष्मण की पक्षिराज जटायु से भेंट तथा श्रीराम का उन्हें गले से लगाकर रोना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 67: श्रीराम और लक्ष्मण की पक्षिराज जटायु से भेंट तथा श्रीराम का उन्हें गले से लगाकर रोना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.67.11 
अनेन सीता वैदेही भक्षिता नात्र संशय:।
गृध्ररूपमिदं व्यक्तं रक्षो भ्रमति काननम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण! यह राक्षसरूपी गिद्ध इस वन में अवश्य ही विचरण करता है। इसी ने विदेह राजकुमारी सीता को खाया होगा॥ 11॥
 
Lakshmana! This vulture in the form of a demon definitely roams around in this forest. He must have eaten Videha princess Sita.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)