Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.64.69-70h: 'सुमित्रनन्दन! यदि देवता मेरी हरी या मृत सीता को लाकर मुझे न दें, तो मैं आज अपने योद्धाओं के प्रहारों से इन तीनों लोकों की मर्यादा नष्ट कर दूँगा।' | ramayan सर्ग 3.64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निर्मर्यादानिमाँल्लोकान् करिष्याम्यद्य सायकै:॥ ६९॥
हृतां मृतां वा सौमित्रे न दास्यन्ति ममेश्वरा:।
अनुवाद
'सुमित्रनन्दन! यदि देवता मेरी हरी या मृत सीता को लाकर मुझे न दें, तो मैं आज अपने योद्धाओं के प्रहारों से इन तीनों लोकों की मर्यादा नष्ट कर दूँगा।'
'Sumitra Nandan! If the gods do not bring my green or dead Sita and give her to me, then today I will destroy the decorum of these three worlds by the blows of my warriors. 69 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥