Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.64.60-62h: ग्रहों की गति रुक जाएगी, चंद्रमा छिप जाएगा, अग्नि, मरुतगण और सूर्य का तेज नष्ट हो जाएगा, सब कुछ अंधकार से ढक जाएगा, पर्वतों के शिखर मंथन से भर जाएँगे, सभी जलाशय (नदियाँ, सरोवर आदि) सूख जाएँगे, वृक्ष, लताएँ और झाड़ियाँ नष्ट हो जाएँगी और समुद्र भी नष्ट हो जाएँगे। इस प्रकार मैं सम्पूर्ण त्रिलोकी में काल का विनाश आरम्भ करूँगा। | ramayan सर्ग 3.64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ग्रहों की गति रुक जाएगी, चंद्रमा छिप जाएगा, अग्नि, मरुतगण और सूर्य का तेज नष्ट हो जाएगा, सब कुछ अंधकार से ढक जाएगा, पर्वतों के शिखर मंथन से भर जाएँगे, सभी जलाशय (नदियाँ, सरोवर आदि) सूख जाएँगे, वृक्ष, लताएँ और झाड़ियाँ नष्ट हो जाएँगी और समुद्र भी नष्ट हो जाएँगे। इस प्रकार मैं सम्पूर्ण त्रिलोकी में काल का विनाश आरम्भ करूँगा।
‘The motion of the planets will stop, the moon will hide, the fire, the Marutgan and the Sun's brilliance will be destroyed, everything will be covered in darkness, the peaks of the mountains will be churned, all water bodies (rivers, lakes etc.) will dry up, trees, creepers and bushes will be destroyed and even the oceans will be destroyed. In this way, I will begin the destruction of time in the entire Triloki.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥