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ramayan 3.64.49-50h: 'लक्ष्मण! देखो, ये दो बाणों से भरे हुए तरकश पड़े हैं, जो नष्ट हो गए हैं। यह किसका सारथी मरा पड़ा है, जिसके हाथ में अभी भी चाबुक और लगाम है?' 49 1/2   |   ramayan सर्ग 3.64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  3.64.49-50h 
शरावरौ शरै: पूर्णौ विध्वस्तौ पश्य लक्ष्मण॥ ४९॥
प्रतोदाभीषुहस्तोऽयं कस्य वा सारथिर्हत:।
 
 
अनुवाद
'लक्ष्मण! देखो, ये दो बाणों से भरे हुए तरकश पड़े हैं, जो नष्ट हो गए हैं। यह किसका सारथी मरा पड़ा है, जिसके हाथ में अभी भी चाबुक और लगाम है?' 49 1/2
 
'Lakshmana! Look there, these two quivers full of arrows are lying there, which have been destroyed. Whose charioteer is this lying dead, who still has the whip and reins in his hands? 49 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)