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मन्ये लक्ष्मण वैदेही राक्षसै: कामरूपिभि:।
भित्त्वा भित्त्वा विभक्ता वा भक्षिता वा भविष्यति॥ ४१॥
अनुवाद
'लक्ष्मण! मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि इच्छानुसार रूप धारण करने वाले राक्षसों ने सीता को टुकड़े-टुकड़े करके आपस में बाँट लिया होगा और खा लिया होगा।
'Lakshmana! It seems to me that the demons who take any form at will must have cut Sita into pieces and distributed them amongst themselves and eaten them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥