Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.64.29-30h: 'हे पर्वतराज! क्या आपने इस सुन्दर वन में मुझसे वियोगिनी सुन्दरी सीता को देखा है?'   |   ramayan सर्ग 3.64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  3.64.29-30h 
कच्चित् क्षितिभृतां नाथ दृष्टा सर्वाङ्गसुन्दरी॥ २९॥
रामा रम्ये वनोद्देशे मया विरहिता त्वया।
 
 
अनुवाद
'हे पर्वतराज! क्या आपने इस सुन्दर वन में मुझसे वियोगिनी सुन्दरी सीता को देखा है?'
 
'O King of mountains! Have you seen the beautiful lady Sita who is separated from me in this beautiful forest?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)