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ramayan 3.64.23-24h: तब 'बहुत अच्छा' कहकर श्री रामजी लक्ष्मण को साथ लेकर पृथ्वी की ओर देखते हुए दक्षिण दिशा की ओर चल पड़े।   |   ramayan सर्ग 3.64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 64: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज, आभूषणों के कण और युद्ध के चिह्न देखकर श्रीराम का देवता आदि सहित समस्त त्रिलोकी पर रोष प्रकट करना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  3.64.23-24h 
बाढमित्येव काकुत्स्थ: प्रस्थितो दक्षिणां दिशम्॥ २३॥
लक्ष्मणानुगत: श्रीमान् वीक्षमाणो वसुंधराम्।
 
 
अनुवाद
तब 'बहुत अच्छा' कहकर श्री रामजी लक्ष्मण को साथ लेकर पृथ्वी की ओर देखते हुए दक्षिण दिशा की ओर चल पड़े।
 
Then saying 'very good', Sri Rama took Lakshman along and started walking towards the south while looking intently at the earth. 23 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)