Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.61.6-7h: 'लक्ष्मण! मैं सीता के बिना नहीं रह सकता। सीता के अपहरण से उत्पन्न महान शोक ने मुझे चारों ओर से घेर लिया है। अब अवश्य ही मेरे पिता राजा दशरथ परलोक में मुझसे मिलेंगे।' | ramayan सर्ग 3.61: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज और उनके न मिलने से श्रीराम की व्याकुलता । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'लक्ष्मण! मैं सीता के बिना नहीं रह सकता। सीता के अपहरण से उत्पन्न महान शोक ने मुझे चारों ओर से घेर लिया है। अब अवश्य ही मेरे पिता राजा दशरथ परलोक में मुझसे मिलेंगे।'
'Lakshmana! I cannot live without Sita. The great grief caused by the abduction of Sita has surrounded me from all sides. Surely now my father King Dasharatha will see me in the next world. 6 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥