श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 60: श्रीराम का विलाप करते हुए वृक्षों और पशुओं से सीता का पता पूछना, भ्रान्त होकर रोना और बारंबार उनकी खोज करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.60.8 
हृता मृता वा नष्टा वा भक्षिता वा भविष्यति।
निलीनाप्यथवा भीरुरथवा वनमाश्रिता॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'हाय! क्या सीता का किसी ने हरण कर लिया है? क्या वह मर गई है, खो गई है, या किसी राक्षस ने उसे खा लिया है? क्या वह कायर कहीं छिप गया है, या फल-फूल लेने जंगल में चला गया है?॥8॥
 
'Alas! Has anyone kidnapped Sita? Has she died or has she got lost or has she been eaten by a demon? Has that coward hidden himself somewhere or has he gone into the forest to collect fruits and flowers?॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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