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ramayan 3.60.28: हे सुन्दरी! पीली रेशमी साड़ी ही तुम्हारे स्थान की सूचना दे रही है। यदि तुम भाग भी रही हो, तो भी मैंने तुम्हें देख लिया है। यदि तुम्हें मुझ पर स्नेह और सहानुभूति है, तो खड़ी हो जाओ।॥28॥   |   ramayan सर्ग 3.60: श्रीराम का विलाप करते हुए वृक्षों और पशुओं से सीता का पता पूछना, भ्रान्त होकर रोना और बारंबार उनकी खोज करना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 60: श्रीराम का विलाप करते हुए वृक्षों और पशुओं से सीता का पता पूछना, भ्रान्त होकर रोना और बारंबार उनकी खोज करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.60.28 
पीतकौशेयकेनासि सूचिता वरवर्णिनि।
धावन्त्यपि मया दृष्टा तिष्ठ यद्यस्ति सौहृदम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे सुन्दरी! पीली रेशमी साड़ी ही तुम्हारे स्थान की सूचना दे रही है। यदि तुम भाग भी रही हो, तो भी मैंने तुम्हें देख लिया है। यदि तुम्हें मुझ पर स्नेह और सहानुभूति है, तो खड़ी हो जाओ।॥28॥
 
‘Beautiful girl! The yellow silk saree itself gives information about your whereabouts. Even if you are running away, I have seen you. If you have affection and sympathy for me, then stand up.’॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)