कच्चिज्जीवति वैदेही प्राणै: प्रियतरा मम।
कच्चित् प्रव्राजनं वीर न मे मिथ्या भविष्यति॥ ६॥
अनुवाद
'वीर! क्या विदेह की राजकुमारी सीता, जो मुझे प्राणों से भी अधिक प्रिय है, अब जीवित होंगी? क्या सीता को खोकर मेरा वन में आना व्यर्थ नहीं होगा?॥6॥
'Valiant! Will Sita, the princess of Videha, who is dearer to me than my life, be alive now? Will my coming to the forest not be in vain because of losing Sita?॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)