Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.54.12-13h: वहाँ विशाल पृथक राजमार्ग थे। नगर के द्वारों पर अनेक राक्षस फैले हुए थे और नगर का क्षेत्रफल बहुत बड़ा था। वहाँ जाकर रावण अपने आंतरिक महल में प्रवेश कर गया। | ramayan सर्ग 3.54: सीता का पाँच वानरों के बीच अपने भूषण और वस्त्र को गिराना, रावण का सीता को अन्तःपुर में रखना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सोऽभिगम्य पुरीं लङ्कां सुविभक्तमहापथाम् ॥ १ २॥
संरूढकक्ष्यां बहुलां स्वमन्त:पुरमाविशत्।
अनुवाद
वहाँ विशाल पृथक राजमार्ग थे। नगर के द्वारों पर अनेक राक्षस फैले हुए थे और नगर का क्षेत्रफल बहुत बड़ा था। वहाँ जाकर रावण अपने आंतरिक महल में प्रवेश कर गया।
There were huge separate highways. Many demons were spread out at the gates of the city and the area of the city was very large. After going there Ravana entered his inner palace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥