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ramayan 3.54.10-11h: उस समय आकाश में विचरण करते हुए चारणों ने कहा, 'अब दशग्रीव रावण का अंत निकट आ गया है' और सिद्धों ने भी यही बात दोहराई।   |   ramayan सर्ग 3.54: सीता का पाँच वानरों के बीच अपने भूषण और वस्त्र को गिराना, रावण का सीता को अन्तःपुर में रखना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.54.10-11h 
अन्तरिक्षगता वाच: ससृजुश्चारणास्तदा॥ १०॥
एतदन्तो दशग्रीव इति सिद्धास्तथाब्रुवन्।
 
 
अनुवाद
उस समय आकाश में विचरण करते हुए चारणों ने कहा, 'अब दशग्रीव रावण का अंत निकट आ गया है' और सिद्धों ने भी यही बात दोहराई।
 
At that time the Charans roaming in the sky said, 'Now the end of Dashagreeva Ravana has come near' and the Siddhas also repeated the same thing. 10 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)