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ramayan 3.54.1: रावण द्वारा हरण की जा रही विदेहनन्दिनी सीता को उस समय कोई सहायक नहीं मिला। मार्ग में उन्होंने एक पर्वत की चोटी पर बैठे हुए पाँच महावानरों को देखा॥1॥   |   ramayan सर्ग 3.54: सीता का पाँच वानरों के बीच अपने भूषण और वस्त्र को गिराना, रावण का सीता को अन्तःपुर में रखना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.54.1 
ह्रियमाणा तु वैदेही कंचिन्नाथमपश्यती।
ददर्श गिरिशृङ्गस्थान् पञ्च वानरपुङ्गवान्॥ १॥
 
 
अनुवाद
रावण द्वारा हरण की जा रही विदेहनन्दिनी सीता को उस समय कोई सहायक नहीं मिला। मार्ग में उन्होंने एक पर्वत की चोटी पर बैठे हुए पाँच महावानरों को देखा॥1॥
 
Videhanandini Sita, being abducted by Ravan, could not find any helper at that time. On the way she saw five great monkeys sitting on the top of a mountain.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)