Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.52.11-12: सीता के केश नोचते देखकर दण्डकारण्य में निवास करने वाले सभी महर्षि हृदय में व्याकुल हो गए। साथ ही रावण का विनाश निकट जानकर वे अत्यन्त प्रसन्न हुए।॥11-12॥ | ramayan सर्ग 3.52: रावण द्वारा सीता का अपहरण । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रहृष्टा व्यथिताश्चासन् सर्वे ते परमर्षय:॥ ११॥
दृष्ट्वा सीतां परामृष्टां दण्डकारण्यवासिन:।
रावणस्य विनाशं च प्राप्तं बुद्ध्वा यदृच्छया॥ १२॥
अनुवाद
सीता के केश नोचते देखकर दण्डकारण्य में निवास करने वाले सभी महर्षि हृदय में व्याकुल हो गए। साथ ही रावण का विनाश निकट जानकर वे अत्यन्त प्रसन्न हुए।॥11-12॥
Seeing Sita's hair being pulled out, all the great sages residing in Dandakaranya became distressed in their hearts. At the same time, knowing that suddenly Ravana's destruction was near, they became very happy. ॥11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥