Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.52.10-11h: वहाँ वायु का चलना बंद हो गया और सूर्य का तेज भी क्षीण हो गया। राक्षस द्वारा केश-खींचने के रूप में विदेहनन्दिनी का अपमान अपनी दिव्य दृष्टि से देखकर पितामह ब्रह्माजी ने कहा, "अब कार्य सिद्ध हो गया।" ॥10 1/2॥ | ramayan सर्ग 3.52: रावण द्वारा सीता का अपहरण । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ वायु का चलना बंद हो गया और सूर्य का तेज भी क्षीण हो गया। राक्षस द्वारा केश-खींचने के रूप में विदेहनन्दिनी का अपमान अपनी दिव्य दृष्टि से देखकर पितामह ब्रह्माजी ने कहा, "अब कार्य सिद्ध हो गया।" ॥10 1/2॥
There the wind stopped moving and the Sun's radiance also faded. Seeing with his divine sight the insult of Videhanandini in the form of hair-pulling by the demon, the great grandfather Brahma said, "Now the task is accomplished." ॥10 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥