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ramayan 3.51.8: महाबली रावण ने अपना धनुष पूरी तरह खींचकर सीधे तीखे, भयंकर बाण छोड़े, जिनके सिरों पर काँटे थे, जिससे गिद्धराज घायल हो गए।   |   ramayan सर्ग 3.51: जटायु तथा रावण का घोर युद्ध और रावण के द्वारा जटायु का वध   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.51.8 
स तैर्बाणैर्महावीर्य: पूर्णमुक्तैरजिह्मगै:।
बिभेद निशितैस्तीक्ष्णैर्गृध्रं घोरै: शिलीमुखै:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
महाबली रावण ने अपना धनुष पूरी तरह खींचकर सीधे तीखे, भयंकर बाण छोड़े, जिनके सिरों पर काँटे थे, जिससे गिद्धराज घायल हो गए।
 
The mighty Ravana, having drawn his bow fully, shot straight-going sharp, dreadful arrows, which had thorns on their heads, injuring the vulture king.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)