Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.50.26: 'कमल के समान नेत्रों वाली यह शुभ सीता श्री रामचन्द्रजी की प्रिय पत्नी हैं। जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक तुम उन्हें नहीं ले जा सकोगे॥ 26॥ | ramayan सर्ग 3.50: जटायु का रावण को सीताहरण के दुष्कर्म से निवृत्त होने के लिये समझाना और अन्त में युद्ध के लिये ललकारना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'कमल के समान नेत्रों वाली यह शुभ सीता श्री रामचन्द्रजी की प्रिय पत्नी हैं। जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक तुम उन्हें नहीं ले जा सकोगे॥ 26॥
'This auspicious Sita with eyes like lotus is the beloved consort of Shri Ramchandraji. You will not be able to take her away as long as I am alive.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥