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ramayan 3.50.24: 'वे भगवान् राम, जिन्होंने युद्ध में अनेक बार राक्षसों और असुरों का संहार किया है, शीघ्र ही युद्धभूमि में तुम्हारा भी संहार करेंगे।॥ 24॥   |   ramayan सर्ग 3.50: जटायु का रावण को सीताहरण के दुष्कर्म से निवृत्त होने के लिये समझाना और अन्त में युद्ध के लिये ललकारना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 50: जटायु का रावण को सीताहरण के दुष्कर्म से निवृत्त होने के लिये समझाना और अन्त में युद्ध के लिये ललकारना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.50.24 
असकृत्संयुगे येन निहता दैत्यदानवा:।
न चिराच्चीरवासास्त्वां रामो युधि वधिष्यति॥ २४॥
 
 
अनुवाद
'वे भगवान् राम, जिन्होंने युद्ध में अनेक बार राक्षसों और असुरों का संहार किया है, शीघ्र ही युद्धभूमि में तुम्हारा भी संहार करेंगे।॥ 24॥
 
'The Lord Rama, who has killed demons and devils many a times in war, will soon destroy you as well on the battlefield.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)