Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.50.20: 'रावण! मैं अपने पूर्वजों से प्राप्त इस पक्षीलोक के नियमों का पालन जन्म से लेकर अब तक साठ हजार वर्षों से करता आ रहा हूँ। | ramayan सर्ग 3.50: जटायु का रावण को सीताहरण के दुष्कर्म से निवृत्त होने के लिये समझाना और अन्त में युद्ध के लिये ललकारना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'रावण! मैं अपने पूर्वजों से प्राप्त इस पक्षीलोक के नियमों का पालन जन्म से लेकर अब तक साठ हजार वर्षों से करता आ रहा हूँ।
'Ravana! I have been following the rules of this kingdom of birds, which I received from my forefathers, since my birth till now it has been sixty thousand years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥