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श्लोक  3.49.38 
जटायो पश्य मामार्य ह्रियमाणामनाथवत्।
अनेन राक्षसेन्द्रेणाकरुणं पापकर्मणा॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
'आर्य जटायो! देखो, यह पापी राक्षसराज मुझे अनाथ की भाँति निर्दयतापूर्वक हरण कर रहा है।
 
'Arya Jatayo! Look, this sinful demon king is mercilessly abducting me like an orphan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)