Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.49.21: रावण द्वारा पकड़े जाने पर सीताजी दुःख से व्याकुल हो गईं और दूर वन में गए हुए भगवान राम को ऊंचे स्वर में पुकारने लगीं, 'हे राम!'   |   ramayan सर्ग 3.49: रावण द्वारा सीता का अपहरण, सीता का विलाप और उनके द्वारा जटायु का दर्शन   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 49: रावण द्वारा सीता का अपहरण, सीता का विलाप और उनके द्वारा जटायु का दर्शन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.49.21 
सा गृहीतातिचुक्रोश रावणेन यशस्विनी।
रामेति सीता दु:खार्ता रामं दूरं गतं वने॥ २१॥
 
 
अनुवाद
रावण द्वारा पकड़े जाने पर सीताजी दुःख से व्याकुल हो गईं और दूर वन में गए हुए भगवान राम को ऊंचे स्वर में पुकारने लगीं, 'हे राम!'
 
On being captured by Ravana, the illustrious Sita became distraught with grief and began to call out loudly to Lord Rama, who had gone far away into the forest, saying, 'O Rama!'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)