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ramayan 3.48.20: रावण के ऐसा कहने पर विदेह राजकुमारी सीता की आँखें क्रोध से लाल हो गईं। उस एकांत स्थान में उन्होंने राक्षसराज रावण से कठोर शब्दों में कहा-॥20॥   |   ramayan सर्ग 3.48: रावण के द्वारा अपने पराक्रम का वर्णन और सीता द्वारा उसको कड़ी फटकार   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 48: रावण के द्वारा अपने पराक्रम का वर्णन और सीता द्वारा उसको कड़ी फटकार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.48.20 
एवमुक्ता तु वैदेही क्रुद्धा संरक्तलोचना।
अब्रवीत् परुषं वाक्यं रहिते राक्षसाधिपम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
रावण के ऐसा कहने पर विदेह राजकुमारी सीता की आँखें क्रोध से लाल हो गईं। उस एकांत स्थान में उन्होंने राक्षसराज रावण से कठोर शब्दों में कहा-॥20॥
 
When Ravana said this, the eyes of Videha princess Sita became red with anger. In that secluded place, she said to the demon king Ravana in harsh words -॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)