Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.47.28: 'मैंने यहाँ-वहाँ से बहुत-सी सुन्दर स्त्रियों को पकड़ा है। तुम उन सबमें मेरी रानी बनो। तुम्हारा कल्याण हो।॥28॥   |   ramayan सर्ग 3.47: सीता का रावण को अपना और पति का परिचय देकर वन में आने का कारण बताना, रावण का उन्हें अपनी पटरानी बनाने की इच्छा प्रकट करना और सीता का उसे फटकारना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 47: सीता का रावण को अपना और पति का परिचय देकर वन में आने का कारण बताना, रावण का उन्हें अपनी पटरानी बनाने की इच्छा प्रकट करना और सीता का उसे फटकारना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.47.28 
बह्वीनामुत्तमस्त्रीणामाहृतानामितस्तत:।
सर्वासामेव भद्रं ते ममाग्रमहिषी भव॥ २८॥
 
 
अनुवाद
'मैंने यहाँ-वहाँ से बहुत-सी सुन्दर स्त्रियों को पकड़ा है। तुम उन सबमें मेरी रानी बनो। तुम्हारा कल्याण हो।॥28॥
 
'I have captured many beautiful women from here and there. You become my queen among them all. May you be blessed.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)