Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.47.2: वह कुछ देर तक सोचती रही कि ये ब्राह्मण और अतिथि हैं, यदि मैं इनके प्रश्न का उत्तर न दूँगी तो ये मुझे शाप दे देंगे। ऐसा सोचकर सीता इस प्रकार कहने लगी-॥2॥ | ramayan सर्ग 3.47: सीता का रावण को अपना और पति का परिचय देकर वन में आने का कारण बताना, रावण का उन्हें अपनी पटरानी बनाने की इच्छा प्रकट करना और सीता का उसे फटकारना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह कुछ देर तक सोचती रही कि ये ब्राह्मण और अतिथि हैं, यदि मैं इनके प्रश्न का उत्तर न दूँगी तो ये मुझे शाप दे देंगे। ऐसा सोचकर सीता इस प्रकार कहने लगी-॥2॥
She remained thinking for a while that these are Brahmins and guests, if I don't answer their question then they will curse me. Thinking this, Sita started speaking in this way -॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥