Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.47.16-17h: कैकेयी के वचन सुनकर, किसी से न डरने वाले श्री राम ने कहा, 'बहुत अच्छा।' उन्होंने स्वीकार कर लिया। मेरे स्वामी अपने वचनों के पक्के हैं। 16 1/2 | ramayan सर्ग 3.47: सीता का रावण को अपना और पति का परिचय देकर वन में आने का कारण बताना, रावण का उन्हें अपनी पटरानी बनाने की इच्छा प्रकट करना और सीता का उसे फटकारना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कैकेयी के वचन सुनकर, किसी से न डरने वाले श्री राम ने कहा, 'बहुत अच्छा।' उन्होंने स्वीकार कर लिया। मेरे स्वामी अपने वचनों के पक्के हैं। 16 1/2
On hearing Kaikeyi's words, Shri Ram, who is not afraid of anyone, said, 'Very good.' He accepted it. My master is a firm keeper of his promises. 16 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥