Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.47.10-11h: ‘उस समय मेरे परम पराक्रमी पति की आयु पच्चीस वर्ष से अधिक थी और मेरे जन्म से लेकर वनगमन तक वर्षों की गणना के अनुसार मेरी आयु अठारह वर्ष थी।॥ 10॥ | ramayan सर्ग 3.47: सीता का रावण को अपना और पति का परिचय देकर वन में आने का कारण बताना, रावण का उन्हें अपनी पटरानी बनाने की इच्छा प्रकट करना और सीता का उसे फटकारना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘उस समय मेरे परम पराक्रमी पति की आयु पच्चीस वर्ष से अधिक थी और मेरे जन्म से लेकर वनगमन तक वर्षों की गणना के अनुसार मेरी आयु अठारह वर्ष थी।॥ 10॥
‘At that time my immensely powerful husband was over twenty-five years old, and from the time of my birth to the time of my exile to the forest, my age, as per the calculation of years, was eighteen years.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥