Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.42.28-29h: सीता के पास आते समय वह विचित्र करतब दिखाते हुए चारों दिशाओं में घूमता रहता था। उस वन में विचरण करने वाले अन्य सभी मृग उसे देखते ही उसके पास आ जाते थे और उसकी गंध पाते ही दसों दिशाओं में भाग जाते थे। | ramayan सर्ग 3.42: मारीच का सुवर्णमय मृगरूप धारण करके श्रीराम के आश्रम पर जाना और सीता का उसे देखना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सीता के पास आते समय वह विचित्र करतब दिखाते हुए चारों दिशाओं में घूमता रहता था। उस वन में विचरण करने वाले अन्य सभी मृग उसे देखते ही उसके पास आ जाते थे और उसकी गंध पाते ही दसों दिशाओं में भाग जाते थे।
While coming near Sita, he used to move around in all directions showing strange tricks. All the other deer roaming in that forest used to come near him on seeing him and on smelling him, used to run away in all ten directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥