Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.37.21: हे राक्षसराज! इस व्यर्थ प्रयत्न से तुम्हें क्या लाभ होगा? जिस दिन युद्ध में भगवान राम की दृष्टि तुम पर पड़ जाए, उसी दिन अपने जीवन का अंत समझो॥ 21॥ | ramayan सर्ग 3.37: मारीच का रावण को श्रीरामचन्द्रजी के गुण और प्रभाव बताकर सीताहरण के उद्योग से रोकना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राक्षसराज! इस व्यर्थ प्रयत्न से तुम्हें क्या लाभ होगा? जिस दिन युद्ध में भगवान राम की दृष्टि तुम पर पड़ जाए, उसी दिन अपने जीवन का अंत समझो॥ 21॥
‘King of demons! What will you gain by making this futile effort? The day Lord Rama's gaze falls on you in the war, consider that day as the end of your life.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥