Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.36.10-11h: 'उसके पिता ने क्रोधित होकर उसे उसकी पत्नी सहित घर से निकाल दिया है। उसका जीवन व्यर्थ जा रहा है। यह राम, जो क्षत्रिय कुल का कलंक है, उस राक्षस की सेना का संहारक है।' | ramayan सर्ग 3.36: रावण का मारीच से श्रीराम के अपराध बताकर उनकी पत्नी सीता के अपहरण में सहायता के लिये कहना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उसके पिता ने क्रोधित होकर उसे उसकी पत्नी सहित घर से निकाल दिया है। उसका जीवन व्यर्थ जा रहा है। यह राम, जो क्षत्रिय कुल का कलंक है, उस राक्षस की सेना का संहारक है।'
'His father, enraged, has thrown him out of the house along with his wife. His life is being wasted. This Ram, who is the disgrace of the Kshatriya clan, is the killer of that demon's army. 10 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥