श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 34: रावण के पूछने पर शर्पणखा का उससे राम, लक्ष्मण और सीता का परिचय देते हुए सीता को भार्या बनाने के लिये उसे प्रेरित करना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.34.25 
विज्ञायैषामशक्तिं च क्रियतां च महाबल।
सीता तवानवद्याङ्गी भार्यात्वे राक्षसेश्वर॥ २५॥
 
 
अनुवाद
‘महान् राक्षसेश्वर! राम आदि की असमर्थता और अपनी शक्ति को ध्यान में रखते हुए सुन्दरी सीता को अपनी पत्नी बनाने का प्रयत्न करो (उसे प्राप्त करो)।’ 25॥
 
‘Great Rakshaseshwar! Considering the inability of Ram etc and your power, try to make the beautiful Sita your wife (get her). 25॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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