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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 34: रावण के पूछने पर शर्पणखा का उससे राम, लक्ष्मण और सीता का परिचय देते हुए सीता को भार्या बनाने के लिये उसे प्रेरित करना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  3.34.22-23h 
तां तु दृष्ट्वाद्य वैदेहीं पूर्णचन्द्रनिभाननाम्॥ २२॥
मन्मथस्य शराणां च त्वं विधेयो भविष्यसि।
 
 
अनुवाद
'जिस क्षण तुम विदेह की राजकुमारी सीता को देखोगे, जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान मनोहर है, उसी क्षण तुम कामदेव के बाणों का लक्ष्य बन जाओगे।
 
‘The moment you see Sita, the princess of Videha, who has a face as charming as the full moon, you will become the target of Kamadeva's arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)