vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 3: अरण्य काण्ड
»
सर्ग 34: रावण के पूछने पर शर्पणखा का उससे राम, लक्ष्मण और सीता का परिचय देते हुए सीता को भार्या बनाने के लिये उसे प्रेरित करना
»
श्लोक 1
श्लोक
3.34.1
तत: शूर्पणखां दृष्ट्वा ब्रुवन्तीं परुषं वच:।
अमात्यमध्ये संक्रुद्ध: परिपप्रच्छ रावण:॥ १॥
अनुवाद
शूर्पणखा को ऐसे कठोर वचन बोलते देख मंत्रियों के बीच बैठा हुआ रावण अत्यंत क्रोधित हो गया और उसने पूछा-॥1॥
Seeing Shurpanakha speaking such harsh words, Ravana, seated among the ministers, became extremely angry and asked -॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×