Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.33.2: हे दैत्यराज! तुम स्वेच्छाचारी और निरंकुश हो गए हो और विषय-भोगों में मतवाले हो रहे हो। तुम्हारे लिए महान भय उत्पन्न हो गया है। तुम्हें यह जानना चाहिए था, परन्तु तुम इसके बारे में कुछ नहीं जानते॥ 2॥ | ramayan सर्ग 3.33: शूर्पणखा का रावण को फटकारना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे दैत्यराज! तुम स्वेच्छाचारी और निरंकुश हो गए हो और विषय-भोगों में मतवाले हो रहे हो। तुम्हारे लिए महान भय उत्पन्न हो गया है। तुम्हें यह जानना चाहिए था, परन्तु तुम इसके बारे में कुछ नहीं जानते॥ 2॥
‘O King of Demons! You have become willful and autocratic and are getting intoxicated with sensual pleasures. A great fear has arisen for you. You should have known about this, but you know nothing about it.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥