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ramayan 3.31.37: मारीच ने आसन और जल आदि से स्वयं उनकी पूजा करके अर्थपूर्ण शब्दों में पूछा ॥37॥   |   ramayan सर्ग 3.31: रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना और मारीच के कहने से लङ्का को लौट आना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.31.37 
तं स्वयं पूजयित्वा तु आसनेनोदकेन च।
अर्थोपहितया वाचा मारीचो वाक्यमब्रवीत्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
मारीच ने आसन और जल आदि से स्वयं उनकी पूजा करके अर्थपूर्ण शब्दों में पूछा ॥37॥
 
Having himself worshipped him with a seat and water etc., Maricha asked in meaningful words:॥ 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)