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श्लोक 3.31.27  |
नहि रामो दशग्रीव शक्यो जेतुं रणे त्वया।
रक्षसां वापि लोकेन स्वर्ग: पापजनैरिव॥ २७॥ |
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| अनुवाद |
| 'दशग्रीव! जैसे पापी मनुष्य स्वर्ग पर अधिकार नहीं कर सकते, वैसे ही तुम या सम्पूर्ण राक्षस जगत् भी भगवान राम को युद्ध में नहीं हरा सकते।॥ 27॥ |
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| 'Dashagriva! Just as sinful men cannot gain control over heaven, similarly you or the entire demon world cannot defeat Lord Rama in battle.॥ 27॥ |
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